US के हमले के बाद ईरान का पलटवार, बंदर अब्बास बना जंग का मैदान

US के हमले के बाद ईरान का पलटवार, बंदर अब्बास बना जंग का मैदान

ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद अब ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। ईरान की इस कार्रवाई की पुष्टि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खुद की है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमला किस अमेरिकी बेस पर किया गया।

IRGC ने जारी किया आधिकारिक बयान

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, गुरुवार तड़के स्थानीय समयानुसार करीब 5 बजे ईरानी सुरक्षा बलों ने यह हमला किया। IRGC ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी सेना के हालिया हमले के जवाब में एक सक्रिय अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइलें दागी गईं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसके बाद यह जवाबी कार्रवाई की गई।

अमेरिका ने ड्रोन खतरे का दिया था हवाला

इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ रक्षात्मक कार्रवाई की है। अमेरिका का कहना था कि ईरानी ड्रोन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खतरा पैदा कर सकते थे, इसलिए कई ड्रोन को मार गिराया गया। अमेरिका ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान होर्मुज क्षेत्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहा था।

फरवरी से जारी है दोनों देशों के बीच तनाव

बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे, जिसके बाद एक अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था। हालांकि अमेरिका और ईरान लगातार एक-दूसरे पर सीजफायर उल्लंघन के आरोप लगाते रहे हैं। अब ताजा हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

ट्रंप बोले- ‘ईरान आखिरी सांसें गिन रहा है’

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को कहा था कि ईरान “आखिरी सांसें गिन रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेगा। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है।

परमाणु कार्यक्रम बना सबसे बड़ा विवाद

अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे, जबकि ईरान ने साफ शब्दों में इस मांग को खारिज कर दिया है। इसी मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही।

क्यों अहम है बंदर अब्बास?

बंदर अब्बास ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य और व्यापारिक पोर्ट सिटी है। इसे ईरान की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा की लाइफलाइन माना जाता है। अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में यहां IRGC के जहाजों और ड्रोन कंट्रोल स्टेशनों को निशाना बनाया था। इसी के बाद से पूरा इलाका युद्ध जैसे हालात का केंद्र बन गया है।