जम्मू कश्मीर में श्रीनगर के लालचौक में पहली बार बीजेपी के नेता और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर कर नेशनल कांफ्रेंस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बीजेपी ने अधूरे वादे, भ्रष्टाचार,बढ़ती बेरोजगारी, बिजली-पानी और विकास के मुद्दों पर सरकार को घेरा और नारेबाजी की। वहीं सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस ने भी जवाबी विरोध प्रदर्शन कर पूर्ण राज्य के दर्जे, धारा 370 औऱ धारा 35 ए की की बहाली की मांग की।

बीजेपी के कार्यकर्ता  सूबे की सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लाल चौक से सिविल सेक्रेटेरिएट की ओर बढ़े लेकिन पुलिस ने उन्हें हरि सिंह स्ट्रीट पर ही रोक लिया। वहीं नेशनल कांफ्रेंस का मार्च राजबाग से बीजेपी हेडक्वार्टर पहुंचने से पहले ही थम गया।

 राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे पर बीजेपी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को इस्तीफा दे कर दोबारा गांदरबल से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। जबकि नेशनल कांफ्रेंस अपनी मांगों पर अड़ी हुई है।

श्रीनगर के इन दोनों प्रमुख इलाकों में दोनों प्रमुख पार्टियों के कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और प्रदर्शन देखने को मिला। दिलचस्प बात यह है कि आतंकवाद के दौर में श्रीनगर का लालचौक पर सियासी मजमां तो दूर की बात है, सिक्योरिटी फोर्स के लिए भी बहुत सुरक्षित नहीं माना जाता था। लेकिन धारा 370 हटने के बाद यह पहला मौका है जब राज्य सरकार के खिलाफ बीजेपी ने विरोध प्रदर्शन किया है। 

 बहरहाल इससे पहले मुरली मनोहर जोशी की अगुआई में बीजेपी ने कन्याकुमारी से एकता यात्रा निकाली थी। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस यात्रा के संयोजक थे। तब  एमएम जोशी ने लाल चौक के क्लॉक टॉवर पर झंडारोहण किया था।

इसके बाद केंद्र में मोदी सरकार बनने औऱ धारा 370 हटने के बाद पिपुल्स डेमक्रेटिक पार्टी की नेता महबूबा मुफ्ती के बयान के विरोध में बीजेपी के कार्यकर्ता लाल चौक पर इकट्ठा हुए थे। इसे बीजेपी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा गया था।