NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार अब पूरी तरह ऐक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री की निगरानी में रक्षा मंत्री Rajnath Singh के आवास पर एक हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से किसी बड़े फैसले या घोषणा की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि परीक्षा प्रणाली को लेकर बड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को NEET-UG परीक्षा आयोजित कराई थी। लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस पूरे मामले ने छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी चिंता पैदा कर दी है।
बैठक में कई बड़े मंत्री और अधिकारी शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan, केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia और NTA के डीजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
CBSE परीक्षा विवाद ने भी बढ़ाई चिंता
इसी बीच CBSE परीक्षा को लेकर भी विवाद सामने आ गया है। 12वीं के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उनकी लिखावट से मेल नहीं खाती। इसके बाद OSM प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं की संभावित अदला-बदली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी बहस तेज हो गई है।
CBI जांच में तेजी, आरोपियों की संख्या बढ़कर 13
NEET पेपर लीक मामले में CBI लगातार कार्रवाई कर रही है। बुधवार को विशेष न्यायाधीश विद्या प्रकाश ने CBI की याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे और फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह की पांच दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली। अदालत ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। दोनों आरोपियों को अब 1 जून को फिर अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 13 हो चुकी है।
‘संगठित गिरोह का हिस्सा थे आरोपी’
विशेष लोक अभियोजक वीके पाठक ने अदालत में दावा किया कि आरोपी संगठित पेपर लीक गिरोह का हिस्सा थे। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. शिरुरे ने परीक्षा से पहले गोपनीय प्रश्नपत्र हासिल करने और उसे फैलाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, फिजिक्स शिक्षक तेजस शाह पर आरोप है कि उन्होंने सह-आरोपी मनीषा हवलदार से प्रश्न और नोट्स लेकर उन्हें दूसरे आरोपियों तक पहुंचाया। अभियोजन पक्ष का कहना है कि जांच के दौरान आरोपी ने सहयोग नहीं किया और महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं।
पीएम मोदी खुद रख रहे नजर
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री Narendra Modi इस पूरे मामले पर व्यक्तिगत रूप से नजर बनाए हुए हैं। सरकार की कोशिश है कि भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों और छात्रों का भरोसा बहाल किया जा सके।