रक्षाबंधन का त्योहार इस बार नेताओं और Gen-Alpha की बॉन्डिंग को लेकर खास चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई BJP नेताओं ने बच्चों और छात्राओं के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया है। इन मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

पीएम मोदी और Gen-Alpha का कनेक्शन 

इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 लोक कल्याण मार्ग पर स्थित अपने आवास पर Gen-Alpha बच्चों और छात्राओं के साथ रक्षाबंधन मनाया है। बच्चियों ने पीएम मोदी की कलाई पर खूब सारी रंग-बिरंगी और अनोखी राखियां बांधी। किसी बच्चे ने पीएम मोदी को AI वाली राखी बांधी, तो किसी ने अपने हाथ से बनाई लोटस वाली राखी बांधी। बच्चों ने उनसे खूब बातचीत की, कविताएं सुनाईं और कई सवाल भी पूछे। पीएम मोदी ने बच्चों के साथ बोहत हंसी-मजाक भी किया। इस बातचीत के दौरान सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि और भी कई मुद्दों पर बात हुई। एक बच्चे ने कहा कि वह जिम्मेदारी के साथ AI को सीखना और इसका सही इस्तेमाल करना चाहता है। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बच्चों की पढ़ाई और उनकी पसंद के बारे में भी बात की।

करेले की सब्जी और बच्चे 

पीएम मोदी ने एक बच्ची से पूछा कि क्या वह करेला खाती है? बच्ची ने जवाब दिया कि वो क्या उसका भाई भी करेला नहीं खाता। इस जवाब पर वहां मौजूद लोग मुस्कुराने लगे और ये सवाल बच्चों की बातचीत का सबसे मजेदार हिस्सा रहा। ऐसे ही बच्चों के कई सवालों का जवाब PM मोदी ने मजेदार तरह से दिया जो कि बच्चों को बहुत पसंद आया। 

योगी, अमित शाह और कई बीजेपी नेता भी हुए शामिल 

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्नेहबंधन’ कार्यक्रम में स्कूल की बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाया। बच्चियों ने सीएम योगी की कलाई पर राखी बांधी और मुख्यमंत्री ने उन्हें उपहार भी दिए। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के लिए जीवनभर मुफ्त इंसुलिन उपलब्ध कराने की सरकारी पहल का भी जिक्र किया। इनके आलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने छात्राओं और NCC कैडेट्स के साथ रक्षाबंधन मनाया और महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने भी कल्याण-डोंबिवली में महिलाओं और स्कूल-कॉलेज की छात्राओं के साथ त्योहार मनाया।

त्योहार या चुनावी रणनीति 

प्रधान मंत्री मोदी और बाकी नेताओं का ऐसे Gen-Alpha के साथ ये त्योहार मनाना कई सवाल खड़े कर रहा है। हाल में मोदी जी Gen-Z के मुद्दों पर बात करने के लिए चर्चा में थे और अब उनका रुख Gen-Alpha की तरफ मुड़ता नजर आ रहा है। इसके कारण ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या Gen-Z के बाद अब Gen-Alpha की तरफ मोदी सरकार दोस्ती का हाथ बढ़ा रही है क्योंकि Gen-Alpha सिर्फ कल के वोटर ही नहीं, बल्कि आने वाले भारत की सबसे बड़ी युवा पीढ़ी भी होगी। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या राखी के धागे से शुरू हुआ ये कनेक्शन आने वाले वक्त में राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता है और क्या ये कोई नई चुनावी रणनीति है?