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भूकंप-बाढ़ की चेतावनी देने वाला अलर्ट सिस्टम बंद, सामने आई बड़ी वजह

प्रकाशित: 16-06-2026, 01:07 PM
भूकंप-बाढ़ की चेतावनी देने वाला अलर्ट सिस्टम बंद, सामने आई बड़ी वजह
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पिछले कुछ समय में देशभर के करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स को तेज आवाज और फुल-स्क्रीन नोटिफिकेशन के साथ इमरजेंसी अलर्ट मैसेज प्राप्त हुए। इन अलर्ट्स का उद्देश्य लोगों को खराब मौसम, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों के बारे में समय रहते सतर्क करना था। जहां इस सिस्टम ने कई लोगों को संभावित खतरों के प्रति जागरूक किया, वहीं कुछ यूजर्स ने इसकी टाइमिंग और बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन को लेकर नाराजगी भी जताई।

NDMA ने फिलहाल बंद की सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस

यूजर्स की प्रतिक्रियाओं और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने फिलहाल सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। हालांकि इस फैसले के बाद चर्चा सिर्फ सर्विस के बंद होने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोग यह भी जानना चाहते हैं कि भविष्य में इस सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए क्या बदलाव किए जा सकते हैं।

यूजर्स चाहते हैं ज्यादा सटीक और लोकेशन-बेस्ड अलर्ट

कई लोगों का मानना है कि इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम बेहद जरूरी है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। यूजर्स की सबसे बड़ी मांग यह है कि अलर्ट केवल उन्हीं इलाकों के लोगों को भेजे जाएं, जहां वास्तव में खतरे की आशंका हो। इससे अनावश्यक नोटिफिकेशन से बचा जा सकेगा और लोगों का भरोसा भी इस सिस्टम पर बना रहेगा।

देर रात आने वाले अलर्ट बने परेशानी की वजह

कुछ शहरों, खासकर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में, देर रात और सुबह-सुबह इमरजेंसी अलर्ट भेजे गए थे। तेज आवाज के साथ आने वाले इन नोटिफिकेशन्स के कारण कई लोगों की नींद प्रभावित हुई। ऐसे में अब यह मांग उठ रही है कि सामान्य मौसम संबंधी अपडेट और गंभीर आपदा चेतावनियों के लिए अलग-अलग स्तर के नोटिफिकेशन जारी किए जाएं।

एक्सपर्ट्स ने सुझाए कई अहम सुधार

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस सिस्टम को अधिक लोकेशन-आधारित और स्मार्ट बनाया जाना चाहिए। इससे केवल प्रभावित क्षेत्र के लोगों तक ही अलर्ट पहुंचेगा और अनावश्यक संदेशों की संख्या कम होगी। इसके अलावा रात के समय भेजे जाने वाले अलर्ट के लिए अलग प्रोटोकॉल तैयार करने की भी जरूरत बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेज आवाज वाले अलर्ट केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में ही भेजे जाने चाहिए।

आपदा के समय क्यों जरूरी है यह तकनीक?

भले ही इस सिस्टम को लेकर कुछ शिकायतें सामने आई हों, लेकिन विशेषज्ञ इसे बेहद महत्वपूर्ण तकनीक मानते हैं। उनका कहना है कि भूकंप, बाढ़, चक्रवात और अन्य आपात स्थितियों के दौरान सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम कुछ ही सेकंड में करोड़ों लोगों तक चेतावनी पहुंचाने की क्षमता रखता है। यही वजह है कि इसे पूरी तरह बंद करने के बजाय और अधिक स्मार्ट, सटीक तथा यूजर-फ्रेंडली बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

भविष्य में और बेहतर हो सकता है अलर्ट सिस्टम

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि सही सुधारों के साथ यह सिस्टम आपदा प्रबंधन का एक बेहद प्रभावी माध्यम बन सकता है। लोकेशन-आधारित अलर्ट, बेहतर टाइमिंग और अलग-अलग खतरे के स्तर के अनुसार नोटिफिकेशन जैसी सुविधाएं इसे पहले से ज्यादा उपयोगी और भरोसेमंद बना सकती हैं।

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