सिंगर और म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक ने पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर रिश्ते को लेकर शुरुआत में ही साफ इनकार कर दिया जाता, तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।
'ना कहना ही काफी था'
अमाल मलिक ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि किसी की जान लेने तक बात पहुंचाने के बजाय सच बोल देना ही काफी था। उन्होंने लिखा, "ना कहने के लिए सिर्फ इतना कहना काफी था कि मेरा दिल किसी और के पास है और मैं किसी दूसरे व्यक्ति से प्यार करती हूं।" अमाल का कहना था कि अगर इसके बाद भी सामने वाला व्यक्ति बात नहीं मानता, तो मामला परिवार या कानूनी स्तर पर ले जाया जा सकता था।
कानून के गलत इस्तेमाल पर उठाए सवाल
अपने पोस्ट में अमाल मलिक ने कहा कि भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत कानून हैं, लेकिन उनका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा कि किसी भी व्यक्ति की जान लेकर कोई खुशहाल जिंदगी नहीं जी सकता। इस घटना में एक जान चली गई और कई परिवार बिखर गए।
महिलाओं के नाम भी लिखा संदेश
अमाल मलिक ने "Dear Women" शीर्षक से एक और पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि इतिहास में महिलाओं ने कई तरह के अन्याय झेले हैं और वह इस पीड़ा को समझते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि गुस्सा उन लोगों पर होना चाहिए जो वास्तव में महिलाओं पर अत्याचार करते हैं। हर मामले को एक ही नजरिए से देखने के बजाय जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। उन्होंने केतन अग्रवाल का जिक्र करते हुए लिखा कि तस्वीरों में वह एक सीधे-सादे और अच्छे इंसान नजर आते हैं और उनके साथ जो हुआ, वह बेहद दुखद है।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
अमाल मलिक की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब पुलिस लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले को संदिग्ध हत्या के एंगल से भी देखा जा रहा है। पुलिस का आरोप है कि केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची थी। जांच में यह भी दावा किया गया है कि आरोपियों ने घटना से पहले कथित तौर पर इसकी तैयारी की थी और इससे जुड़े तरीकों के बारे में ऑनलाइन जानकारी भी खोजी थी।
पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी कथित रूप से रिलेशनशिप में थे, लेकिन सिया ने केतन अग्रवाल के साथ अपनी सगाई नहीं तोड़ी। जांच के दौरान चेतन चौधरी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि सिया घर से भागने के पक्ष में नहीं थी, क्योंकि उसे परिवार की बदनामी का डर था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अदालत में आरोप सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाते हैं।