सहारनपुर से होकर गुजरने वाले करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे (एक्सप्रेसवे) पर पहली ही बारिश के बाद सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। बारिश के बाद हाईवे के कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे और सड़क धंसने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
हाल ही में हुआ था परियोजना का शुभारंभ
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का हाल ही में प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किया गया था। दावा किया गया था कि एक्सप्रेसवे शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय घटकर करीब ढाई घंटे रह जाएगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पहली ही बारिश में कई स्थानों पर सड़क करीब 9 इंच तक धंस गई और गहरे गड्ढे बन गए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने हाईवे की यह स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सुरक्षा व्यवस्थाओं में भी दिखी कमी
स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे के कई हिस्सों से सुरक्षा बैरिकेडिंग गायब है। वहीं कुछ स्थानों पर पहाड़ी मलबा और मिट्टी सड़क पर फैली हुई है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि टोल टैक्स देने के बावजूद उन्हें सुरक्षित और बेहतर सड़क सुविधा नहीं मिल रही है।
बारिश बढ़ी तो हादसों का खतरा भी बढ़ेगा
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानसून के दौरान लगातार बारिश होती रही तो सड़क की स्थिति और खराब हो सकती है। विशेष रूप से रात के समय पानी से भरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
मरम्मत कार्य शुरू, स्थायी समाधान की मांग
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने कुछ स्थानों पर मरम्मत कार्य शुरू कर गड्ढों को भरने का काम किया है। हालांकि, कई हिस्सों में सड़क अब भी क्षतिग्रस्त है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने हाईवे की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।