पटना जिले के मसौढ़ी अनुमंडल परिसर में शुक्रवार को पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप के लिए लैंड-पूलिंग के माध्यम से किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में हजारों किसानों ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में नौबतपुर, पुनपुन और मसौढ़ी प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे।
सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
धरना स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। किसानों का कहना था कि उनके लिए जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी मां और आजीविका का आधार है। उन्होंने कहा, "जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।"
किसानों ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
किसानों का आरोप है कि सरकार पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप के नाम पर उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण कर उसे पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है। उनका कहना है कि विकास का अर्थ किसानों की जमीन छीनना नहीं, बल्कि सड़क, बिजली, अस्पताल और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
धरना समाप्त होने के बाद किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मसौढ़ी के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) से मुलाकात की और प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम तीन सूत्रीय स्मार-पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए।
किसानों की प्रमुख मांगें
स्मार-पत्र में किसानों ने मांग की कि दो फसली सिंचित भूमि का अधिग्रहण तत्काल रोका जाए। साथ ही जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाई जाए और अधिग्रहित भूमि का बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जाए। किसानों ने यह भी मांग की कि लैंड-पूलिंग के तहत किसानों से 45 प्रतिशत भूमि लेने की व्यवस्था समाप्त कर सीमित भूमि अधिग्रहण की नीति अपनाई जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान नेता राजेश सिंह और मनीष कुमार पटेल ने कहा कि अपनी जमीन बेचना या न बेचना किसानों का संवैधानिक अधिकार है। उनका आरोप है कि सरकार इस अधिकार पर रोक लगाकर अलोकतांत्रिक तरीके से काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बड़ी संख्या में शामिल हुए किसान
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जगपति नारायण सिंह, मुखिया संघ के अध्यक्ष पिंकू पलटन सिंह, लालमोहन सिंह, मनीष कुमार, बिनोद सिंह सहित कई किसान नेता शामिल हुए। वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनका स्मार-पत्र सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा।