नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई 2026 को छात्रों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रायबरेली में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
अधिवक्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि जंतर-मंतर लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही लाठीचार्ज का आदेश देने वाले और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सिविल ड्रेस में मौजूद लोगों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग उठाई कि सिविल ड्रेस में मौजूद उन लोगों की पहचान सार्वजनिक की जाए, जिन पर छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।
घायल छात्रों के इलाज और सहायता की मांग
ज्ञापन में घायल छात्रों और युवाओं के निशुल्क इलाज की व्यवस्था करने की मांग की गई। साथ ही गंभीर रूप से घायल छात्राओं को उचित आर्थिक सहायता देने और भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलनों के दौरान बल प्रयोग रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग उठाई गई।
भविष्य में आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।