केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद रुचि वीरा ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे छात्र-छात्राओं के लंबे संघर्ष और एकजुटता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि लगातार चले आंदोलन के बाद यह फैसला सामने आया है।
"छात्र-छात्राओं के संघर्ष की जीत"
रुचि वीरा ने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन छात्र-छात्राओं की जीत है, जिन्होंने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से लगातार आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि युवाओं के संघर्ष और एकजुटता ने इस पूरे आंदोलन को मजबूती दी।
आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों पर जताई चिंता
सपा सांसद ने आंदोलन के दौरान छात्र-छात्राओं पर दर्ज किए गए मुकदमों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।
मारपीट के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग
रुचि वीरा ने मांग की कि आंदोलन के दौरान जिन छात्र-छात्राओं के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई, उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
सांसद ने कहा कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसे चिह्नित कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की कथित बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
इस्तीफे के बाद तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। विपक्ष इसे छात्र आंदोलन की जीत बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे छात्रों और देशहित में लिया गया निर्णय बता रहा है।