एकदिवसीय दौरे पर अरवल पहुंचे भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार की राजनीति, महागठबंधन, प्रशांत किशोर, केंद्र सरकार और चुनावी सुधार जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
'महागठबंधन में प्रशांत किशोर के लिए दरवाजा खुला'
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि महागठबंधन में प्रशांत किशोर के लिए दरवाजा खुला है। उन्होंने कहा कि अब यह फैसला प्रशांत किशोर को करना है कि वे आगे क्या रुख अपनाते हैं।
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर दिया बयान
उन्होंने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने केवल भाजपा प्रत्याशी को ही नहीं, बल्कि भाजपा नेतृत्व को भी राजनीतिक चुनौती दी है। उन्होंने इसे बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण संकेत बताया।
प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया वीडियो (रील) को लेकर तंज कसते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार को प्रचार के बजाय युवाओं की शिक्षा, रोजगार और भविष्य जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को इन विषयों पर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
महिलाओं और युवाओं से जुड़े बयानों पर जताई आपत्ति
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं द्वारा महिलाओं और युवाओं के खिलाफ की गई टिप्पणियां लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक या धमकीपूर्ण बयान स्वीकार्य नहीं हैं और ऐसे मामलों में कार्रवाई होनी चाहिए।
मतदान की उम्र 16 वर्ष करने की वकालत
दीपांकर भट्टाचार्य ने चुनावी सुधारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज के 16 वर्षीय छात्र-छात्राओं में पर्याप्त राजनीतिक समझ और जागरूकता है। इसलिए मतदान की न्यूनतम आयु 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष करने पर विचार किया जाना चाहिए।
युवाओं की आवाज सुनने की अपील
उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने तथा आंदोलन करने के अधिकार का सम्मान करना चाहिए।