दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति और आरके फैमिली ट्रस्ट को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। अदालत ने उम्मीद जताई है कि मामला बातचीत और आपसी सहमति से सुलझ सकता है।
मध्यस्थता को 2 नवंबर तक बढ़ाने की अनुमति
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मध्यस्थता की प्रगति पर संतोष जताते हुए इसकी अवधि 2 नवंबर तक बढ़ाने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि अब तक हुई बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और सभी पक्ष सहयोग कर रहे हैं।
डीवाई चंद्रचूड़ कर रहे हैं मध्यस्थता
सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद के समाधान के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया है। कोर्ट ने सभी पक्षों से खुले मन से बातचीत करने और लंबे कानूनी विवाद से बचने की अपील की है।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति और आरके फैमिली ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर शुरू हुआ। मामले में उनकी मां रानी कपूर, पत्नी प्रिया कपूर और पहली पत्नी करिश्मा कपूर से हुए बच्चों समायरा और कियान कपूर के अधिकारों को लेकर मतभेद सामने आए।
रानी कपूर और प्रिया कपूर के अलग-अलग दावे
रानी कपूर का आरोप है कि आरके फैमिली ट्रस्ट उनकी जानकारी और सहमति के बिना बनाया गया और परिवार की संपत्तियों को इसमें शामिल कर दिया गया। वहीं प्रिया कपूर का कहना है कि ट्रस्ट पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत बनाया गया है और इसका उद्देश्य लाभार्थियों के हितों की रक्षा करना है।
मध्यस्थ की फीस ट्रस्ट करेगा वहन
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मध्यस्थ की फीस आरके फैमिली ट्रस्ट द्वारा वहन की जाएगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि मध्यस्थता सफल नहीं होती है तो सभी पक्ष कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
2025 में हुआ था संजय कपूर का निधन
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को इंग्लैंड में पोलो मैच के दौरान संजय कपूर का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद संपत्ति, फैमिली ट्रस्ट और उत्तराधिकार को लेकर कानूनी विवाद शुरू हुआ, जो फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है।