आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने अधिकारियों की टीम के साथ गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सलावा पुल, अटेरना पुल, दौराला पुल, नानू पुल, भलसौना पुल, पूठखास पुल, भोला की झाल, जानी पुल, सिवालखास पुल और बाबा भूरेशाह दरगाह तक पूरे रूट का जायजा लिया गया।
तीन दिन में कमियां दूर करने के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जहां-जहां गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़क, तिरछी एप्रोच रोड या अन्य खामियां मिली हैं, उन्हें ठीक करने के लिए संबंधित विभागों को तीन दिन का समय दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी हो जानी चाहिए और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बारिश से खराब हुई सड़कों पर होगा मरम्मत कार्य
हाल की बारिश के कारण गंगनहर पटरी मार्ग पर कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को तत्काल पैचवर्क और गड्ढा-मुक्त सड़क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बिजली और जल सुरक्षा पर विशेष फोकस
प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई अहम निर्देश जारी किए हैं। सभी बिजली के खंभों को पॉलीथीन से कवर करने और खुले ट्रांसफॉर्मरों को लोहे की मजबूत जाली से सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के दौरान करंट फैलने की आशंका न रहे।
गोताखोर, मोटर बोट और सीसीटीवी की होगी तैनाती
गंगनहर के संवेदनशील स्थानों पर गोताखोरों और मोटर बोट की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा झाड़ियों की सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, मोबाइल शौचालय और दिशा-निर्देश संबंधी साइनबोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
ड्रोन निगरानी और रूट डायवर्जन प्लान
प्रशासन ने कांवड़ शिविरों और संवेदनशील चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा सुरक्षा निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों के उपयोग की योजना तैयार की है। साथ ही भारी और हल्के वाहनों के सुचारू आवागमन के लिए 15 जुलाई तक अंतिम रूट डायवर्जन प्लान जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।