फ्यूल पंप पर जल्दबाजी या लापरवाही के कारण कई बार पेट्रोल कार में डीजल और डीजल कार में पेट्रोल भर जाने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में वाहन मालिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि क्या इससे इंजन खराब हो सकता है और नुकसान कितना बड़ा होगा। आइए समझते हैं कि ऐसी स्थिति में क्या होता है और आपको क्या करना चाहिए।
पेट्रोल और डीजल में क्या होता है अंतर?
पेट्रोल और डीजल दोनों के गुण पूरी तरह अलग होते हैं। पेट्रोल ज्यादा ज्वलनशील होता है और इसे जलाने के लिए केवल एक स्पार्क यानी चिंगारी की जरूरत होती है। वहीं डीजल अपेक्षाकृत कम ज्वलनशील होता है और इसे जलाने के लिए अधिक कम्प्रेशन प्रेशर की आवश्यकता होती है। इसके अलावा डीजल में लुब्रिकेशन यानी चिकनाई के गुण होते हैं, जो इंजन के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। पेट्रोल में ऑक्टेन वैल्यू अधिक होती है, जबकि डीजल में सीटेन वैल्यू ज्यादा होती है।
अगर पेट्रोल कार में डीजल भर जाए तो क्या होगा?
यदि गलती से पेट्रोल इंजन वाली कार में डीजल भर दिया जाए, तो इंजन को सही तरीके से दहन करने में परेशानी होगी। क्योंकि पेट्रोल इंजन को पेट्रोल के हिसाब से डिजाइन और प्रोग्राम किया जाता है। ऐसी स्थिति में वाहन स्टार्ट होने में दिक्कत आ सकती है, इंजन झटके दे सकता है या बंद भी हो सकता है। अगर टैंक में पेट्रोल और डीजल का मिश्रण है, तो नुकसान अपेक्षाकृत कम हो सकता है। लेकिन पूरी तरह डीजल भर जाने पर इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
डीजल कार में पेट्रोल भरना ज्यादा खतरनाक क्यों?
डीजल कार में पेट्रोल भर जाना ज्यादा गंभीर समस्या मानी जाती है। इसकी वजह यह है कि डीजल सिर्फ ईंधन नहीं, बल्कि फ्यूल सिस्टम के लिए एक तरह का लुब्रिकेंट भी होता है। जब डीजल टैंक में पेट्रोल पहुंचता है, तो यह चिकनाई को खत्म कर देता है। इसके कारण फ्यूल पंप, इंजेक्टर और अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स के बीच घर्षण बढ़ जाता है। इससे ये पार्ट्स तेजी से खराब हो सकते हैं।
इंजन को हो सकता है बड़ा नुकसान
यदि पेट्रोल मिश्रित ईंधन इंजन तक पहुंच जाता है और वाहन को चलाया जाता है, तो इंजन के अंदर गंभीर क्षति हो सकती है। कई मामलों में इंजन सीज होने तक की नौबत आ सकती है। मरम्मत पर भारी खर्च भी करना पड़ सकता है। नुकसान की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि टैंक में कितना पेट्रोल गया है और वाहन कितनी देर तक चलाया गया है।
गलती का पता चल जाए तो क्या करें?
अगर आपको समय रहते पता चल जाए कि डीजल कार में पेट्रोल या पेट्रोल कार में डीजल भर गया है, तो सबसे जरूरी बात यह है कि वाहन को स्टार्ट न करें। वाहन को तुरंत मैकेनिक या सर्विस सेंटर तक टो करके पहुंचाएं। वहां फ्यूल टैंक को पूरी तरह खाली कराकर उसकी सफाई करानी होगी। जरूरत पड़ने पर फ्यूल लाइन और अन्य हिस्सों की भी जांच करानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
फ्यूल भरवाते समय हमेशा डिस्पेंसर और फ्यूल टाइप की जांच जरूर करें। छोटी-सी गलती आपकी गाड़ी के इंजन और जेब दोनों पर भारी पड़ सकती है।