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भरत भूषण तिवारी मौत मामले में वायरल वीडियो की सच्चाई, सिपाही आशीष तिवारी पर पहले से चल रही हैं विभागीय कार्रवाई

प्रकाशित: 26-06-2026, 11:58 AM
भरत भूषण तिवारी मौत मामले में वायरल वीडियो की सच्चाई, सिपाही आशीष तिवारी पर पहले से चल रही हैं विभागीय कार्रवाई
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भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर उनके चचेरे भाई आशीष तिवारी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह खुद को पुलिस की नौकरी छोड़कर भाई की मौत का बदला लेने की बात कहते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आशीष तिवारी फिलहाल नौकरी में बने हुए हैं और मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात हैं। उनके खिलाफ पहले से दो विभागीय कार्रवाई लंबित हैं।

पुलिस ने वायरल दावे पर दी जानकारी

पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो में किए गए दावों के विपरीत आशीष तिवारी ने पुलिस सेवा नहीं छोड़ी है। वह वर्तमान में मोतिहारी पुलिस लाइन में पदस्थापित हैं। उनके खिलाफ वर्ष 2023 और 2024 से जुड़े दो अलग-अलग विभागीय मामलों की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

2023 में सहकर्मियों से विवाद का आरोप

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, वर्ष 2023 में आशीष तिवारी की तैनाती मोतिहारी के हरपुर ओपी में थी। विभागीय कार्रवाई क्रमांक 21/2023 के तहत आरोप है कि 7 जनवरी 2023 की रात ड्यूटी के दौरान उन्होंने सहकर्मी पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की। आरोप यह भी है कि उन्होंने गार्ड रूम में हथियार तलाशने की कोशिश की और हथियार नहीं मिलने पर चाकू लेकर पुलिस अधिकारी तथा अन्य कर्मचारियों के पीछे दौड़े। इस मामले में उन्हें छह महीने तक वेतनवृद्धि (इन्क्रीमेंट) रोकने की सजा दी गई थी और चेतावनी भी जारी की गई थी।

2024 के मामले में फायरिंग का आरोप

आशीष तिवारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई क्रमांक 58/2024 भी लंबित है। उस समय उनकी तैनाती मोतिहारी जिले के पिपरा कोठी थाने में थी। आरोप है कि 17 अगस्त 2024 को पैंथर टीम में ड्यूटी के दौरान उन्होंने अपने साथ कार्यरत कर्मचारियों और गार्ड के साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर 9 एमएम पिस्तौल कॉक कर गार्ड की ओर फायरिंग की। मामले में हस्तक्षेप करने पहुंचे अधिकारियों को भी धमकाने और फायर करने का आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं, उन पर खुद को गोली मारने की धमकी देने का आरोप भी है।

एफआईआर दर्ज, जांच जारी

इस घटना के संबंध में एफआईआर संख्या 173/2024 भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। फिलहाल दोनों विभागीय मामलों की जांच जारी है और अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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