अयोध्या में राम मंदिर दान गबन मामले को लेकर वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता कचहरी परिसर से जुलूस निकालकर राम जन्मभूमि थाने की ओर बढ़े। इस दौरान राम पथ पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और वकीलों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग भी तोड़ दी और आगे बढ़ने की कोशिश की।
चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर एफआईआर की मांग
प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने पुलिस को लिखित तहरीर सौंपी और मामले में निष्पक्ष जांच के साथ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
सिविल लाइन चौकी पर तहरीर की रिसीविंग, फिर पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
प्रदर्शन के दौरान वकीलों का हुजूम सिविल लाइन पुलिस चौकी के पास रोका गया, जहां पुलिस ने उनकी तहरीर प्राप्त कर रिसीविंग दी। इसके बाद बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल राम जन्मभूमि थाने पहुंचा, जहां उन्हें शिकायत प्राप्त होने के प्रमाण के रूप में पीली पर्ची (रिसीविंग) सौंपी गई। पुलिस ने बताया कि थानों में शिकायतकर्ता को पीली पर्ची देना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है।
बार अध्यक्ष बोले- आंदोलन सिर्फ स्थगित हुआ है
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल केवल स्थगित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वकील बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
बार एसोसिएशन की तहरीर जीडी में दर्ज
वकीलों के प्रदर्शन के बाद बार एसोसिएशन की ओर से दी गई तहरीर को जनरल डायरी (जीडी) में दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने मामले में आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। प्रदर्शन में बार अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा, शैलेन्द्र जैसवाल, राकेश मिश्रा, राजेश उपाध्याय, सूर्यनारायण सिंह, कप्तान सिंह, गिरीश तिवारी, विवेक सिंह, बोनी, अतुल सिंह, मनमोहन सिंह, शिवदयाल, राहुल नदवंशी, तिजेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।