वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रबंधन को लेकर अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ट्रस्ट बोर्ड के गठन की उठाई मांग
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने मांग की कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के 14 मार्च 1997 के आदेश की भावना के अनुरूप मंदिर के लिए बोर्ड ऑफ ट्रस्टी का गठन किया जाना चाहिए।
आय और संपत्ति की जांच की मांग
अधिवक्ताओं ने मंदिर से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी कर्मियों और सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों का विवरण तथा उनकी आय सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही पिछले पांच वर्षों में मंदिर से जुड़े सभी कर्मियों की आय और संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई।
CCTV, VIP दर्शन और दलाली पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने गर्भगृह के प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी लाइव मॉनिटरिंग सार्वजनिक करने की मांग की। इसके अलावा वीआईपी दर्शन व्यवस्था समाप्त करने, काशीवासियों के लिए अलग प्रवेश द्वार निर्धारित करने और दर्शन के नाम पर कथित दलाली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
नोट: खबर में लगाए गए आरोप प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या स्वतंत्र सत्यापन इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है