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भागलपुर में विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाओं के लिए रोजगार की पहल, सिलाई प्रशिक्षण से बनेंगी आत्मनिर्भर

प्रकाशित: 04-07-2026, 07:56 AM
भागलपुर में विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाओं के लिए रोजगार की पहल, सिलाई प्रशिक्षण से बनेंगी आत्मनिर्भर
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भागलपुर। जीवन जागृति सोसाइटी ने समाज में आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई पहल की है। संस्था ने अंगारी क्षेत्र की विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाओं का एक क्लस्टर बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ने की योजना शुरू की है। पहले चरण में आठ विधवा महिलाओं का समूह बनाया गया है। महिलाओं को सहज माहौल देने के लिए चार विवाहित महिलाओं को भी इस समूह में शामिल किया गया है।

21 दिवसीय सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण का शुभारंभ

सोसाइटी की ओर से महिलाओं के लिए 21 दिनों का सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह प्रशिक्षण बलुआचक में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशिक्षण के बाद स्थापित होगा सिलाई केंद्र

संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अंगारी में एक सिलाई केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र में टी-शर्ट, ट्राउजर, पेटीकोट, ब्लाउज, नाइटी, स्कूल ड्रेस सहित अन्य परिधानों का निर्माण कराया जाएगा। तैयार उत्पादों को बाजार में बेचकर होने वाले लाभ का वितरण समूह की महिलाओं के बीच किया जाएगा।

'मजदूर नहीं, केंद्र की मालकिन बनेंगी महिलाएं'

डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को मजदूर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अपने रोजगार की मालिक बनाना है। उन्होंने बताया कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो शुरुआत में प्रत्येक प्रखंड में चार-चार ऐसे केंद्र खोले जाएंगे। इसके बाद इस योजना का विस्तार पूरे जिले और फिर राज्य स्तर तक करने की योजना है।

विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता

संस्था के अनुसार, समाज में ऐसी अनेक महिलाएं हैं, जिनके पति का निधन हो चुका है, या जिन्होंने पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अकेले जीवन जीना शुरू कर दिया है। वहीं कई दिव्यांग महिलाएं भी हैं, जो काम करने में सक्षम होने के बावजूद अवसरों से वंचित हैं। इस योजना में ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बना सकें।

प्रशिक्षण शुरू होने से महिलाओं में उत्साह

कार्यक्रम के पहले दिन नीलम देवी, गुड़िया देवी, हीना कुमारी और सजनी देवी सहित कई महिलाओं ने प्रशिक्षण शुरू किया। उनके चेहरों पर आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद और उत्साह साफ दिखाई दिया। संस्था का कहना है कि आने वाले दिनों में अन्य चिन्हित महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

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