भाकपा माले के राज्यव्यापी प्रतिरोध दिवस के तहत शनिवार को आरा स्थित पार्टी कार्यालय से फर्जी मुठभेड़, बुलडोजर कार्रवाई, मॉब लिंचिंग और कथित पुलिसिया दमन के विरोध में प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आरा रेलवे स्टेशन परिसर के समीप पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सभा का आयोजन किया गया।
कार्यकर्ताओं ने लगाए विरोध के नारे
प्रतिरोध मार्च के दौरान भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विभिन्न मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
भरत तिवारी प्रकरण का उठाया मुद्दा
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले की राज्य स्थायी समिति की सदस्य संगीता सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में फर्जी मुठभेड़ों की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने भरत तिवारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही बुलडोजर कार्रवाई और कथित पुलिसिया दमन का भी विरोध किया।
बाइट – संगीता सिंह, राज्य स्थायी समिति सदस्य, भाकपा माले
सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
भाकपा माले के जिला स्थायी समिति सदस्य एवं कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने कहा कि पार्टी के राज्यव्यापी आह्वान पर यह प्रतिरोध मार्च आयोजित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं तथा सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
कई नेताओं ने किया संबोधित
कार्यक्रम में भाकपा माले राज्य कमेटी के सदस्य एवं आरा नगर सचिव सुधीर कुमार, राज्य स्थायी समिति की सदस्य संगीता सिंह, कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, जिला कमेटी सदस्य अमित कुमार बंटी, आइसा के जिला अध्यक्ष विकास कुमार, रौशन कुशवाहा, अजय गांधी, रणधीर राणा, विकास राजा, नीतू कुमारी, मुस्कान कुमारी, वर्षा कुमारी सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।