दानापुर रेल मंडल के प्रमुख राजस्व देने वाले रेलवे स्टेशनों में शामिल बाढ़ रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत घोषित विकास कार्य वर्षों बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की गई थी, लेकिन अधिकांश योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों में रेलवे प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
उद्घाटन के इंतजार में तैयार शौचालय
योजना के तहत प्लेटफॉर्म संख्या-1 और प्लेटफॉर्म संख्या-4 पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण का प्रावधान किया गया था। प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर शौचालय का निर्माण कार्य काफी पहले पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक उसका उद्घाटन नहीं किया गया है। परिणामस्वरूप यह सुविधा यात्रियों के उपयोग के लिए बंद पड़ी है। दूसरी ओर, प्लेटफॉर्म संख्या-4 के दक्षिणी छोर पर शुरू किया गया शौचालय निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। अधूरी इमारत अब जर्जर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाली पड़े इस परिसर का इस्तेमाल असामाजिक और अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य ठप
अमृत भारत योजना के तहत प्लेटफॉर्म संख्या-1 और प्लेटफॉर्म संख्या-4 को जोड़ने के लिए एस्केलेटर युक्त आधुनिक फुट ओवर ब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित था। इसके लिए प्लेटफॉर्म संख्या-4 की ओर पाइलिंग का कार्य शुरू किया गया और कई स्थानों पर गड्ढे भी खोदे गए, लेकिन पिछले छह महीनों से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है। यात्रियों का कहना है कि खुले गड्ढों के कारण कई बार लोग चोटिल हो चुके हैं। उनका आरोप है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं किए गए हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
24 करोड़ की परियोजना भी अधूरी
बाढ़ रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण प्रस्तावित है। हालांकि निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। जबकि दानापुर रेल मंडल के कई अन्य स्टेशनों पर इसी योजना के तहत विकास कार्य पूरे हो चुके हैं और उनका उद्घाटन भी किया जा चुका है। ऐसे में बाढ़ स्टेशन के यात्रियों को अब भी आधुनिक सुविधाओं का इंतजार है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
स्टेशन परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण रात के समय यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं कई सीसीटीवी कैमरे भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंद कैमरों और अपर्याप्त रोशनी का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व स्टेशन परिसर में सक्रिय रहते हैं। हाल के दिनों में छिनतई जैसी घटनाओं की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे यात्रियों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
यात्रियों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों का कहना है कि बाढ़ रेलवे स्टेशन दानापुर रेल मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल है और यहां से रेलवे को अच्छा राजस्व प्राप्त होता है। इसके बावजूद विकास कार्यों में हो रही देरी और अधूरी परियोजनाओं को लेकर प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। अब सवाल यह है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत घोषित परियोजनाएं आखिर कब पूरी होंगी, यात्रियों को घोषित सुविधाओं का लाभ कब मिलेगा और दानापुर रेल मंडल बाढ़ रेलवे स्टेशन के लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता देकर कब पूरा करेगा।