राम मंदिर के चढ़ावा और दान में मिली बहुमूल्य वस्तुओं को लेकर हाल के दिनों में लगातार खबरें सामने आ रही थीं कि सोने के आभूषणों सहित कई मूल्यवान सामान चोरी हो गए हैं या उनका गबन हुआ है। इन दावों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बैठक के बाद मीडिया के सामने मंदिर की कई महत्वपूर्ण वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर स्थिति स्पष्ट की।
दान में मिली बहुमूल्य वस्तुओं का किया सार्वजनिक प्रदर्शन
ट्रस्ट ने राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई कई महत्वपूर्ण और मूल्यवान वस्तुओं को मीडिया के सामने प्रदर्शित किया। इनमें काकभुशुंडी, स्वर्ण रामचरितमानस, चरण पादुका समेत कई धार्मिक धरोहरें और आभूषण शामिल थे। यही वे वस्तुएं थीं, जिनके गायब होने या चोरी होने के दावे किए जा रहे थे।
ट्रस्ट का दावा— सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि मंदिर में दान स्वरूप प्राप्त सभी आभूषण, स्वर्ण सामग्री और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रस्ट के अनुसार, चोरी या गबन से जुड़े दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और मंदिर की प्रत्येक मूल्यवान वस्तु का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा गया है।
'भ्रामक खबरों से सावधान रहें'
ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि लोगों को झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। ट्रस्ट ने कहा कि यह प्रचार किया जा रहा है कि केवल दानपात्र से ही चोरी नहीं हुई, बल्कि मंदिर की कई अन्य मूल्यवान वस्तुएं भी गायब हैं, जबकि यह दावा पूरी तरह गलत है।
2,800 वस्तुओं का पंजीकृत रिकॉर्ड मौजूद
ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर में दान के रूप में प्राप्त करीब 2,800 वस्तुओं का विधिवत पंजीकृत रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर इस रिकॉर्ड को सार्वजनिक रूप से भी प्रस्तुत किया जा सकता है। ट्रस्ट के अनुसार, हर वस्तु का दस्तावेजी विवरण उपलब्ध है और उसकी निगरानी निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है।
रामचरितमानस और चरण पादुकाओं का भी सुरक्षित रिकॉर्ड
ट्रस्ट ने कहा कि स्वर्ण रामचरितमानस, चरण पादुकाओं और अन्य बहुमूल्य धार्मिक धरोहरों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि इन सभी वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित है। ट्रस्ट ने मीडिया के सामने इन वस्तुओं का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर अन्य वस्तुओं का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक किया जा सकता है।
श्रद्धालुओं का भरोसा कायम रखने की पहल
ट्रस्ट का कहना है कि बहुमूल्य वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का उद्देश्य श्रद्धालुओं के बीच फैली शंकाओं को दूर करना और पारदर्शिता बनाए रखना है। ट्रस्ट ने दोहराया कि मंदिर की सभी दान सामग्री सुरक्षित है और उसके संरक्षण तथा रिकॉर्ड के लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन किया जा रहा है।