बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालय खुलने के बाद गाजीपुर में ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत एक अनोखी जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली की खास बात यह रही कि इसमें दिव्यांग बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने हाथों में शिक्षा से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों को स्कूल जाने और शिक्षा के महत्व का संदेश दिया।
एडीएम ने दिखाई हरी झंडी, विकास भवन पर हुआ समापन
रैली को अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का समापन विकास भवन में हुआ, जहां मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने बच्चों को संबोधित किया।
सांकेतिक भाषा के जरिए हुआ संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने मुख-बधिर बच्चों से संवाद किया। उनकी बातों को बच्चों के शिक्षक ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से समझाया, जिसे बच्चों ने सहजता से समझा। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत और आभार व्यक्त किया।
'कोई भी दिव्यांग बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे'
समर्पण संस्था की प्रबंधक सविता सिंह ने बताया कि संस्था का उद्देश्य है कि कोई भी दिव्यांग बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि कई परिवार आज भी दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते। ऐसे में हर वर्ष ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत रैली निकालकर समाज को जागरूक किया जाता है, ताकि हर दिव्यांग बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिल सके।
स्वयंसेवी संस्थाओं से आगे आने की अपील
मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि यह रैली एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से आयोजित की गई थी। उन्होंने जिले की अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं से भी ऐसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की, ताकि समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी को समान अवसर मिल सके।