सीतापुर जिले के सिधौली पहुंचे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बिसवां मार्ग स्थित एक गेस्ट हाउस में भव्य स्वागत किया गया। उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी पहुंचे।
गौ संरक्षण पर रखे विचार
जनसमूह को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति के महत्व पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को सदैव माता का स्थान प्राप्त रहा है, लेकिन सरकारी अभिलेखों में उसे केवल एक पशु के रूप में दर्ज किया गया है।
'गाय को मिले विधिक रूप से गौ माता का दर्जा'
शंकराचार्य ने कहा कि गाय करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गाय को विधिक रूप से "गौ माता" का दर्जा देने की दिशा में गंभीर पहल की जाए। उनके अनुसार, यह केवल धार्मिक भावना का विषय नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा मुद्दा है।
सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि तक सीमित नहीं है। सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी गाय का संरक्षण बेहद आवश्यक है। उन्होंने समाज और सरकार से मिलकर गौ संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयास करने का आह्वान किया।
श्रद्धालुओं को दिया आशीर्वाद
अपने संबोधन के बाद शंकराचार्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। देर शाम उन्होंने सिधौली में ही रात्रि विश्राम किया। उनके आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग उनके दर्शन के लिए पहुंचे।
कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ममता वर्मा, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी, पूर्व गन्ना चेयरमैन प्रदीप सिंह चौहान, पूर्व विधायक हरगोविंद भार्गव, समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एडवोकेट रामपाल भार्गव, छात्रसभा प्रदेश उपाध्यक्ष ममता शर्मा, युवजन सभा के जिलाध्यक्ष संदीप कश्यप सहित कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे।