बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने गोवा के कैंडोलिम स्थित उनसे जुड़े एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
सीआरज़ेड नियमों के उल्लंघन का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील तटीय क्षेत्र में कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन (CRZ) के नियमों का उल्लंघन कर रिहायशी विला और अन्य निर्माण किए गए। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह परियोजना संरक्षित इलाके के पास विकसित की गई, जहां निर्माण गतिविधियों पर कड़े नियम लागू हैं।
निर्माण की वैधता पर उठे सवाल
कैलांगुट निर्वाचन क्षेत्र फोरम की ओर से दायर याचिका में निर्माण की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें आरोप है कि प्रोजेक्ट से जुड़े विला और स्विमिंग पूल सिंकुवेरिम नदी की हाई टाइड लाइन से करीब 55 मीटर की दूरी पर बनाए गए, जो पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप नहीं हैं।
कंपनी की भूमिका पर भी सवाल
याचिका में दावा किया गया है कि सलमान खान से जुड़ी कंपनी क्लासिक सिटी इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड इस प्रोजेक्ट से संबंधित है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि अभिनेता इस परियोजना से जुड़ी कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर हैं। हालांकि इन आरोपों पर सलमान खान या संबंधित कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट को भी दी चुनौती
याचिका में कैंडोलिम ग्राम पंचायत द्वारा 30 अप्रैल 2025 को जारी किए गए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट को भी चुनौती दी गई है। आरोप है कि सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुईं और निर्माण स्वीकृत बिल्डिंग प्लान से अलग किया गया।
कई सरकारी एजेंसियां भी बनीं प्रतिवादी
मामले में गोवा सरकार, गोवा कोस्टल ज़ोन मैनेजमेंट अथॉरिटी, कैंडोलिम ग्राम पंचायत, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ-साथ सलमान खान और संबंधित कंपनी को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
हाई कोर्ट ने सभी पक्षों से मांगा जवाब
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने मामले का संज्ञान लेते हुए सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई में पक्षों के जवाब और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।