मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के थिरोट गांव में बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में बुधवार को पीड़ित परिवार और दलित समाज के सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को फांसी देने और मामले में त्वरित न्याय की मांग की।
कलेक्ट्रेट गेट बंद होने पर सड़क पर धरना
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कलेक्ट्रेट पहुंचने पर मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। इससे नाराज लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के चलते यातायात बाधित हो गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
महिलाओं ने भी प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। उन्होंने हाथों में न्याय की मांग वाली तख्तियां लेकर आरोपीयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई। मौके पर पहुंचे एडीएम नगर बृजेश कुमार और एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
एडीएम नगर बृजेश कुमार ने कहा कि कलेक्ट्रेट का गेट कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बंद किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। प्रदर्शनकारियों की मांगों और शिकायतों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
17 मई को खेत में मिला था छात्रा का शव
गौरतलब है कि 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के थिरोट गांव के पास एक खेत में बीए की छात्रा ललिता गौतम का शव बरामद हुआ था। इससे पहले परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई धीमी रही और मुख्य आरोपियों के खिलाफ अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
न्याय की मांग को लेकर बढ़ा जनाक्रोश
दलित समाज का कहना है कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र और कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में जुटी है।