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रायबरेली: ग्राम पंचायत नुनेरा में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप, शिकायत के छह साल बाद जांच शुरू

प्रकाशित: 10-07-2026, 07:22 AM
रायबरेली: ग्राम पंचायत नुनेरा में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप, शिकायत के छह साल बाद जांच शुरू
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रायबरेली: जिले की लालगंज तहसील के खीरों थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत नुनेरा में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर मामला चर्चा में है। गांव के निवासी और शिकायतकर्ता अंजनी कुमार कुशवाहा का आरोप है कि पंचायत में विकास योजनाओं के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकांश कार्य नहीं हुए। अब लगातार शिकायतों के छह वर्ष बाद प्रशासनिक टीम ने गांव पहुंचकर मामले की जांच शुरू की है।

नोट: भ्रष्टाचार के ये आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


2020 से लगातार कर रहे हैं शिकायत

शिकायतकर्ता अंजनी कुमार कुशवाहा का कहना है कि वर्ष 2020 से वह ग्राम पंचायत में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत जिला प्रशासन से लेकर संबंधित मंत्रियों तक करते रहे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


जिलाधिकारी के निर्देश पर गांव पहुंची जांच टीम

शिकायतों के बाद रायबरेली की जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर 7 जुलाई को जिला समाज कल्याण अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी सचिन शुक्ला तथा थाना खीरों पुलिस की संयुक्त टीम ग्राम पंचायत नुनेरा पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर विकास कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई।


जांच के दौरान नहीं पहुंचे पूर्व प्रधान और वर्तमान ग्राम प्रधान

शिकायतकर्ता के अनुसार, जांच के लिए संबंधित पक्षों को पहले से सूचना दी गई थी। हालांकि जांच के दौरान शिकायतकर्ता तो मौजूद रहे, लेकिन पूर्व प्रधान और वर्तमान ग्राम प्रधान मौके पर नहीं पहुंचे। इसको लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि उनकी अनुपस्थिति के कारणों पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि शौचालय, इंटरलॉकिंग सड़क, बारात घर, पंचायत भवन समेत कई विकास योजनाओं के नाम पर सरकारी धन निकाला गया, लेकिन अधिकांश कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देते। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।


'लीपापोती हुई तो फिर करेंगे शिकायत'

अंजनी कुमार कुशवाहा ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई या मामले में लीपापोती की गई तो वह दोबारा जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले को सार्वजनिक करने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि यदि उनके आरोप गलत साबित होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि भ्रष्टाचार सिद्ध होता है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।


जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या कथित अनियमितताओं के मामले में आगे कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

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