महुआ खबर - Latest News & Updates | महुआ खबर | mahua Khabar
होम राशिफल
शॉर्ट वीडियो
ई-पेपर सर्च

रायबरेली में आशा बहनों का प्रदर्शन, फिक्स सैलरी और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की उठाई मांग

प्रकाशित: 10-07-2026, 07:39 AM
रायबरेली में आशा बहनों का प्रदर्शन, फिक्स सैलरी और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की उठाई मांग
शेयर करें:

स्वास्थ्य विभाग की अहम कड़ी मानी जाने वाली आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को रायबरेली में प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आशा बहनें जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं और मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।

DM कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन

जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आशा संगिनी कर्मचारी संगठन की महिलाओं ने हाथों में मांग पत्र लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार से फिक्स मानदेय, राज्य कर्मचारी का दर्जा और कार्य के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

'हर योजना का काम हमसे कराया जाता है'

आशा संगिनी कर्मचारी संगठन की प्रभारी उषा बाजपेयी ने कहा कि सरकार हर नई योजना का जिम्मा आशा कार्यकर्ताओं को सौंप देती है, लेकिन उनके कार्य के अनुरूप भुगतान नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आरोग्य मेला, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड, पल्स पोलियो और फाइलेरिया अभियान समेत कई योजनाओं में काम कराने के बावजूद भुगतान नहीं मिला है।

कोरोना से लेकर सर्वे तक निभाई जिम्मेदारी

प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान घर-घर सर्वे, टीकाकरण और जागरूकता अभियान समेत स्वास्थ्य विभाग की लगभग हर जिम्मेदारी उन्होंने निभाई, लेकिन आज तक उन्हें सामाजिक सुरक्षा और नियमित मानदेय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं।

ये हैं आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगें

आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख मांगें हैं—

  • आशा कार्यकर्ताओं का नियमितीकरण किया जाए।
  • आशा कार्यकर्ताओं को 18 हजार रुपये और आशा संगिनी को 24 हजार रुपये न्यूनतम मासिक मानदेय दिया जाए।
  • भ्रमण कार्य के लिए स्कूटी उपलब्ध कराई जाए।
  • कार्यों के निष्पादन के लिए टैबलेट जैसी डिजिटल सुविधा दी जाए।
  • राज्य कर्मचारी का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाएं।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो कार्य बहिष्कार की चेतावनी

प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे कार्य का बहिष्कार करेंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा चक्का जाम जैसे बड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। फिलहाल आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

 
0.0
Average Rating
0 Ratings
Tap a star to rate this article: