बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाने और जनजागरूकता अभियान को तेज करने के उद्देश्य से भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड मुख्यालय स्थित ट्रायसम भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कृष्ण चंद्र गुप्ता ने की। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रशासन और समाज की साझी जिम्मेदारी पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीओ कृष्ण चंद्र गुप्ता ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की अपील की।
संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत देने के निर्देश
एसडीओ ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका या सूचना मिले तो इसकी तत्काल जानकारी प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बाल विवाह निषेध कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी
बैठक में बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कराने, उसमें सहयोग करने या उसे बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धर्मगुरुओं और विवाह संचालकों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने बैठक में मौजूद काजी, पुजारी, विवाह भवन संचालकों और डीजे संचालकों से अपील की कि यदि उन्हें किसी बाल विवाह की जानकारी मिले तो वे तुरंत प्रशासन को सूचित करें और इस सामाजिक बुराई को रोकने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कई विभागों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिमन्यु कुमार, प्रखंड प्रमुख रश्मि कुमारी, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत सचिव, थाना प्रभारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी निलेश कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. छोटे लाल, कल्याण विभाग, जीविका, महिला पर्यवेक्षिका, विकास मित्र और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
बैठक के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया और इस दिशा में मिलकर काम करने का भरोसा जताया।