पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत बेलछी प्रखंड के बेलछी गांव में शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान गैरमजरूआ जमीन पर बने कई मकानों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
जेसीबी से गिराए गए कई मकान
सुबह से शुरू हुए अभियान में प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से एक-एक कर कई मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। कई महिलाओं और बच्चों की आंखों में आंसू थे, जबकि परिजनों ने प्रशासन से कार्रवाई रोकने की अपील भी की।
'60-70 साल से रह रहे हैं यहां'— प्रभावित परिवार
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित लोगों का कहना है कि वे पिछले 60 से 70 वर्षों से इस जमीन पर रह रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से पहले कहा गया था कि 40 वर्षों से अधिक समय से बसे लोगों के मकानों पर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन इसके बावजूद उनके घर तोड़ दिए गए।
एक महिला ने बताया कि उनके परिवार में 32 से 33 सदस्य हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। बरसात के मौसम में घर टूटने के बाद अब उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
विरोध के बीच जारी रहा अभियान
कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया। हालांकि मौके पर तैनात पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित रखा और प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रखा।
राहत और पुनर्वास की मांग
प्रभावित परिवारों ने सरकार से मानवीय आधार पर राहत और पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उन्हें हटाया जा रहा है तो उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रशासन बोला- हाईकोर्ट के आदेश का हो रहा पालन
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। फिलहाल अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है, जबकि प्रभावित परिवार राहत और पुनर्वास की मांग को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं।