वाराणसी में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। मानसून की सक्रियता के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, बदलते मौसम के साथ शहर की बिजली व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
शहर की सड़कों और गलियों में खुले लटक रहे हैं बिजली के तार
बारिश के मौसम में वाराणसी के कई इलाकों में खुले और जर्जर बिजली के तार लोगों की चिंता का कारण बने हुए हैं। शहर की सड़कों, गलियों और रिहायशी क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली के नंगे तार खुलेआम लटकते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान ये तार कभी भी टूटकर गिर सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
बारिश में बढ़ जाता है करंट और हादसों का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान बिजली के तारों में करंट उतरने, तार टूटने और बिजली के खंभों से जुड़े हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यदि समय रहते जर्जर तारों की मरम्मत या उन्हें बदला नहीं गया तो आम लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
स्थानीय लोगों ने उठाए कई सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान बिजली व्यवस्था की खामियां सामने आती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाता। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या बिजली विभाग ने संवेदनशील इलाकों का सर्वे कराया है? क्या खुले और जर्जर तारों को बदलने की तैयारी पूरी हो चुकी है? और क्या किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग की टीमें पूरी तरह तैयार हैं?
मानसून से पहले सुरक्षा इंतजामों की जरूरत
बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी हो गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि विभाग को केवल कागजी दावों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर अभियान चलाकर खुले तारों को हटाना, जर्जर लाइनें बदलना और संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करनी चाहिए।
अब बिजली विभाग की तैयारी पर रहेगी नजर
मानसून के इस दौर में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बिजली विभाग संभावित खतरे को देखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाएगा या फिर किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई होगी। फिलहाल स्थानीय लोग सुरक्षित और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, ताकि बारिश के मौसम में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके