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मानसून के बाद गोंडा में बढ़ा मगरमच्छों का खतरा, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

प्रकाशित: 11-07-2026, 10:12 AM
मानसून के बाद गोंडा में बढ़ा मगरमच्छों का खतरा, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से घाघरा नदी को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। मानसून के बाद नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से मगरमच्छ और घड़ियाल नदी के किनारों तक पहुंचने लगे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

100 किलोमीटर के दायरे में देखी गई गतिविधियां

जानकारी के अनुसार, करनैलगंज से अयोध्या सीमा तक करीब 100 किलोमीटर लंबे नदी क्षेत्र में मगरमच्छ और घड़ियालों की गतिविधियां देखी गई हैं। बच्ची माझा और करनैलगंज क्षेत्र से सामने आए दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है।

दो लोगों की मौत, कई घायल

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, अब तक इस क्षेत्र में मगरमच्छों के हमले या नदी से जुड़े हादसों में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। हालांकि, संबंधित घटनाओं की जांच जारी है।

12 से अधिक तटीय गांवों के लिए चेतावनी

करनैलगंज और तरबगंज तहसील के 12 से अधिक तटीय गांवों के लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाने, बच्चों और बुजुर्गों को नदी के पास न ले जाने तथा पशुओं को भी नदी में न उतारने की अपील की है।

नहाने और मछली पकड़ने से बचने की सलाह

वन विभाग और प्रशासन ने लोगों से नदी में स्नान, मछली पकड़ने और अन्य गतिविधियों से फिलहाल दूरी बनाए रखने को कहा है। सभी संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं और वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

वन विभाग ने बताई वजह

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान तेज बहाव के कारण मगरमच्छ और घड़ियाल अपने प्राकृतिक आवास से बहकर नदी के किनारों तक आ सकते हैं। ऐसे में स्थिति सामान्य होने तक लोगों को पूरी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या मगरमच्छ और घड़ियाल दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि सावधानी ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है।

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