प्रयागराज से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने पटना स्थित बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान राम मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट को लेकर कई सवाल उठाए। इस मौके पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम भी मौजूद रहे।
ट्रस्ट पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान उज्ज्वल रमण सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता नहीं रही। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया, लेकिन उस आस्था और विश्वास के साथ न्याय नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को राम मंदिर से कोई आपत्ति नहीं है और पार्टी सनातन परंपरा का सम्मान करती है, लेकिन धर्मनिरपेक्षता उसके लिए सर्वोपरि है।
जमीन खरीद में गड़बड़ी का लगाया आरोप
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों ने पहले कम कीमत पर जमीन खरीदी और बाद में उसे अधिक कीमत पर ट्रस्ट को बेच दिया। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये के भूमि सौदों में अनियमितताएं हुईं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफे पर उठाए सवाल
उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि यदि ट्रस्ट के कामकाज में कोई अनियमितता नहीं थी, तो ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से इस्तीफा क्यों लिया गया। उन्होंने कहा कि चूंकि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की निगरानी में हुआ था, इसलिए इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जांच और ट्रस्ट भंग करने की मांग
कांग्रेस सांसद ने राम मंदिर निर्माण, भूमि खरीद और चढ़ावे से जुड़े मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होगी तो श्रद्धालुओं के मन में उठ रहे सवालों का समाधान हो सकेगा। साथ ही उन्होंने ट्रस्ट को भंग करने की भी मांग की।
बीजेपी पर लगाया राजनीतिक लाभ लेने का आरोप
उज्ज्वल रमण सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने राजनीतिक लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के उपयोग को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
नोट: इस खबर में लगाए गए आरोप कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह के बयान पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया इस कॉपी में शामिल नहीं है।