पटना जिले के पुनपुन प्रखंड के शेखपुरा गांव निवासी संजीव कुमार गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित सीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनके इलाज के लिए बड़ी रकम की जरूरत है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इलाज प्रभावित होने की स्थिति पैदा हो गई है।
जमीन बेचकर इलाज कराना चाहता है परिवार
संजीव कुमार के परिजनों के पास पुनपुन क्षेत्र में निजी जमीन है। परिवार का कहना है कि वे इस जमीन को बेचकर इलाज का खर्च जुटाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा कर पाने में सरकारी प्रतिबंध सबसे बड़ी बाधा बन गया है।
पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप के कारण बिक्री पर रोक
परिजनों के मुताबिक, बिहार सरकार की पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप योजना के तहत इस क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगी हुई है। इसी वजह से वे अपनी ही जमीन बेचने में असमर्थ हैं और इलाज के लिए आवश्यक धन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
पत्नी और भाई की सरकार से भावुक अपील
वेल्लोर अस्पताल में मौजूद संजीव कुमार की पत्नी, उनके भाई विभु प्रियदर्शी और भाभी अनु सिंह ने मुख्यमंत्री और बिहार सरकार से विशेष मानवीय आधार पर जमीन बेचने की अनुमति देने की अपील की है। उनका कहना है कि संपत्ति होने के बावजूद वे इलाज के लिए पैसे का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि यदि विशेष परिस्थितियों में जमीन बेचने की अनुमति मिल जाए तो संजीव कुमार का इलाज जारी रखा जा सकता है। उनका यह भी कहना है कि ऐसे कई परिवार हैं जिन्हें गंभीर बीमारी, बच्चों की उच्च शिक्षा या बेटियों की शादी जैसे जरूरी कार्यों के लिए अपनी जमीन बेचने की आवश्यकता पड़ती है।
ग्रामीणों ने भी उठाई नियमों में राहत की मांग
इस मामले को लेकर पुनपुन और शेखपुरा गांव के लोगों में भी चिंता है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक के कारण कई परिवार आपातकालीन परिस्थितियों में आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
सरकार से मानवीय आधार पर निर्णय की मांग
परिवार और स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार से मांग की है कि मानवीय आधार पर पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप से जुड़े नियमों में आवश्यक ढील दी जाए या विशेष परिस्थितियों में जमीन की बिक्री की अनुमति दी जाए, ताकि लोग गंभीर बीमारी, शिक्षा और विवाह जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए अपनी संपत्ति का उपयोग कर सकें।