बिहार में भारी बारिश और बाढ़ के अलर्ट के बीच कटिहार जिले में गंगा का कटाव लगातार तेज होता जा रहा है। कुर्सेला प्रखंड की दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के तीन घरिया गांव में गंगा-कोसी क्षेत्र में नदी तेजी से जमीन काट रही है। स्थिति यह है कि उपजाऊ कृषि भूमि लगातार नदी में समाती जा रही है और अब ग्रामीणों के घरों पर भी खतरा मंडराने लगा है।
खेतों के बाद अब घरों पर संकट
ग्रामीणों का कहना है कि कटाव की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। पहले खेत नदी में समा रहे थे, लेकिन अब कटाव आबादी वाले इलाके तक पहुंचने लगा है। इससे लोगों में भय का माहौल है और कई परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
मां गंगा से लगाई गुहार
कटाव से परेशान ग्रामीण प्रशासन से मदद की मांग करने के साथ-साथ धार्मिक आस्था का भी सहारा ले रहे हैं। गांव की महिलाएं मां गंगा की पूजा-अर्चना कर कटाव रुकने की प्रार्थना कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो पूरा गांव संकट की चपेट में आ सकता है।
हर साल कटाव, लेकिन स्थायी समाधान नहीं
स्थानीय महिलाओं लाडो देवी और देवकी देवी ने बताया कि गंगा का कटाव हर वर्ष होता है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। उन्होंने कहा कि खेत बर्बाद हो रहे हैं और अब घर छोड़ने की नौबत आ सकती है। ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू करने की मांग की है।
प्रशासन ने कहा- स्थिति पर लगातार नजर
कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि जिले में बाढ़ और कटाव से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिन क्षेत्रों में कटाव अधिक हो रहा है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जाएगा।