पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड के सिसवा मंगलपुर गांव के पास गंडक नदी का कटाव लगातार तेज हो रहा है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब 1.50 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिससे तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो गांव पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है।
जल संसाधन विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने समय रहते जल संसाधन विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) और अन्य अधिकारियों से तटबंध को मजबूत करने की मांग की थी। इसके लिए रेत की बोरियां, लकड़ी के खंभे और पाइलिंग लगाने का अनुरोध भी किया गया, लेकिन उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीण खुद बने तटबंध की ढाल
प्रशासनिक मदद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए सैंड बैग उठाकर नदी किनारे कटाव रोकने का कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ते जलस्तर के कारण तटबंध कई स्थानों पर धंसने लगा है, इसलिए गांव को बचाने के लिए उन्होंने स्वयं पहल की है।
पहले भी कराया गया था पाइलिंग का कार्य
ग्रामीणों ने बताया कि सिसवा मंगलपुर में पहले लकड़ी के बल्लों की पाइलिंग कर तटबंध को मजबूत किया गया था, लेकिन अब कई स्थानों पर तटबंध कमजोर पड़ने लगा है। इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए।
ग्रामीणों में डर का माहौल
गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से गांव में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया तो नदी गांव की ओर बढ़ सकती है। फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर पर सैंड बैग लगाकर कटाव रोकने की कोशिश कर रहे हैं।