कोसी नदी के कटाव से गांवों को बचाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई कटाव निरोधक संरचना अब खुद नदी की धारा में समा गई है। नवहट्टा प्रखंड के कोसी तटबंध के भीतर स्थित नारायणपुर गांव से सामने आई तस्वीरों ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगा रहे हैं, जबकि जल संसाधन विभाग इन आरोपों को खारिज कर रहा है।
कटाव रोकने के लिए बना ढांचा खुद हुआ ध्वस्त
नारायणपुर गांव में कटाव से सुरक्षा के लिए बनाए गए कटाव निरोधक कार्य का बड़ा हिस्सा कोसी नदी की तेज धारा में बह गया। जिस संरचना को गांव, खेत और घरों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, उसके ध्वस्त होने से ग्रामीणों में भय और नाराजगी दोनों बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने लगाए घटिया निर्माण के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया। उनका कहना है कि मानकों की अनदेखी और निम्नस्तरीय निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण करोड़ों रुपये की योजना हल्के दबाव में ही ध्वस्त हो गई। ग्रामीणों ने संवेदक और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है।
कटाव बढ़ने से घर और खेतों पर मंडराया खतरा
कटाव निरोधक संरचना के टूटने के बाद गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोसी नदी का जलस्तर और बढ़ा, तो कटाव सीधे उनके घरों, खेतों और पूरे गांव को अपनी चपेट में ले सकता है। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जल संसाधन विभाग ने आरोपों को बताया निराधार
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कोसी नदी का प्रवाह अत्यंत जटिल है। नदी इस क्षेत्र में संकरी हो जाती है, जिससे पानी का दबाव बढ़ता है और कटाव की स्थिति बनती है। उन्होंने बताया कि नारायणपुर, विरजाईन और कोठियां क्षेत्र में फ्लड फाइटिंग के माध्यम से बचाव कार्य कर स्थिति को नियंत्रित किया गया है और फिलहाल लोग सुरक्षित हैं।
प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा
अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर कटाव की स्थिति बनी है, जहां विभाग लगातार बचाव कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपये की लागत से बना कटाव निरोधक ढांचा इतनी जल्दी कैसे ध्वस्त हो गया। क्या इसके पीछे निर्माण में लापरवाही जिम्मेदार है या फिर कोसी नदी का बदलता स्वभाव? इन सवालों का जवाब अब जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। तब तक नारायणपुर के लोग हर बढ़ते जलस्तर के साथ अपने घर, खेत और भविष्य को लेकर चिंतित हैं।