बिहार की राजधानी पटना में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को लेकर एक पोस्टर लगाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पोस्टर में लिखा है, "केसी सिन्हा तो सिर्फ झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है। इनको वोट नहीं, नोट चाहिए।" पोस्टर के नीचे "सौजन्यः बांकीपुर की जनता" लिखा गया है।
पोस्टर ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी
पटना में लगाए गए इस पोस्टर में प्रशांत किशोर को टोपी और गमछा पहने हुए दिखाया गया है। पोस्टर सामने आने के बाद इसे लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि पोस्टर किसने लगाया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बांकीपुर उपचुनाव से पहले जनसुराज को झटका
बांकीपुर उपचुनाव से पहले जनसुराज को एक और राजनीतिक झटका लगने की चर्चा है। जानकारी के अनुसार, फिल्म निर्माता चेतना झांब और फतुहा की प्रखंड प्रमुख श्रुति श्री गुरुवार को जनसुराज छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने वाली हैं।
केसी सिन्हा समेत कई नेता भाजपा में शामिल
इससे पहले वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर सीट से जनसुराज के उम्मीदवार रहे प्रो. केसी सिन्हा ने बुधवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
पूर्व प्रत्याशियों ने भी बदला दल
प्रो. केसी सिन्हा के साथ जनसुराज के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा का दामन थामा। वहीं, दीघा विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज के पूर्व प्रत्याशी बिट्टू सिंह और मनेर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी गोपाल सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए।
उपचुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक हलचल
बांकीपुर उपचुनाव से पहले लगातार हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों ने बिहार की राजनीति को और गर्मा दिया है। नेताओं के दल-बदल और पोस्टरबाजी को चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।