पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में 10 वर्षीय मासूम प्रिंस की मौत के बाद पूरे थरुहट क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। इंसाफ की मांग अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। बुधवार शाम हजारों लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला और दोषियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच तथा कड़ी सजा की मांग की।
कैंडल मार्च में गूंजा 'प्रिंस को न्याय दो' का नारा
हरनाटांड़ की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग मोमबत्तियां लेकर उतरे। प्रदर्शनकारियों की आंखों में आंसू और हाथों में तख्तियां थीं। पूरे मार्च के दौरान "प्रिंस को न्याय दो" और "दोषियों को कड़ी सजा दो" जैसे नारे गूंजते रहे। लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक छात्र के पिता राजकिशोर शर्मा का आरोप है कि छात्रावास में शिक्षकों द्वारा की गई बेरहमी से पिटाई के कारण उनके 10 वर्षीय बेटे प्रिंस की मौत हुई। मामले में दो शिक्षकों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन परिजनों का कहना है कि स्कूल संचालक अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। परिवार ने मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने रखीं कई मांगें
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और पूरे थरुहट क्षेत्र में संचालित छात्रावासों की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन, पुलिस रही मुस्तैद
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ काफी बड़ी थी, लेकिन पूरा कैंडल मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहा।
सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि उन सभी अभिभावकों की आवाज है जो अपने बच्चों के लिए सुरक्षित और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं। अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है कि क्या सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और प्रिंस को न्याय मिलेगा।