सहरसा जिले में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान खरीद में कथित अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिला सहकारिता पदाधिकारी के निर्देश के बाद कार्रवाई की मांग को लेकर सोनवर्षा राज प्रखंड की लगमा पंचायत में किसानों और ग्रामीणों ने पैक्स गोदाम के सामने एक दिवसीय धरना दिया।
पैक्स पर गंभीर गड़बड़ी के आरोप
धरने पर बैठे किसानों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगमा पैक्स में धान खरीद और कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सीएमआर आपूर्ति में भारी अंतर का दावा
ग्रामीणों के अनुसार, लगमा पैक्स को 451.425 मीट्रिक टन धान के एवज में सीएमआर उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था। विभागीय पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक अब तक केवल 289.426 मीट्रिक टन चावल ही भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को उपलब्ध कराया गया है, जबकि करीब 162 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति अभी भी लंबित है।
गोदाम में धान नहीं, फिर चावल कहां से आएगा?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्तमान में पैक्स गोदाम में धान का कोई स्टॉक मौजूद नहीं है। ऐसे में शेष चावल की आपूर्ति किस प्रकार की जाएगी, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों ने पूरे मामले में पारदर्शी जांच की मांग करते हुए संभावित गड़बड़ी की आशंका जताई है।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने दिए जांच के निर्देश
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि लगमा पैक्स सहित जिले के कई पैक्स ने धान अधिप्राप्ति के अनुरूप राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) को निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध नहीं कराया है। मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।