जिले से होकर गुजरने वाली चंद्रप्रभा नदी, जो कई गांवों को आपस में जोड़ती है, इन दिनों बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से नदी की सफाई नहीं कराई गई है, जिसके कारण नदी में जगह-जगह पेड़, झाड़ियां और मलबा जमा हो गया है। इससे बरसात के मौसम में जल निकासी प्रभावित होने और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है।
नदी और पुलियों में जमा है भारी मलबा
ग्रामीणों के अनुसार, चंद्रप्रभा नदी के कई हिस्सों में झाड़ियां, पेड़ और अन्य अवरोध जमा हो गए हैं। कई पुलियों के नीचे भी भारी मात्रा में मलबा फंसा हुआ है, जिससे बारिश का पानी सुचारु रूप से नहीं निकल पाता और जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है।
हर बारिश में बढ़ता है बाढ़ का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। सफाई न होने के कारण पानी की निकासी बाधित होती है और आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। इससे आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की खेती भी प्रभावित होती है।
किसानों को उठाना पड़ रहा भारी नुकसान
ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से फसलें खराब हो जाती हैं, जिससे किसानों को हर साल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नदी की सफाई करा दी जाए तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
कई बार की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से चंद्रप्रभा नदी की सफाई कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि लगातार अनदेखी के कारण समस्या और गंभीर होती जा रही है।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चंद्रप्रभा नदी की तत्काल सफाई कराई जाए, पुलियों के नीचे जमा अवरोध हटाए जाएं और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए तो बरसात के मौसम में संभावित बाढ़ और किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।