मुंगेर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। समाहरणालय परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने स्वयं 'निश्चय मित्र' बनने का संकल्प लिया और टीबी मरीजों के बीच पोषण सहायता के रूप में फूड बास्केट का वितरण किया।
अधिकारियों से भी अभियान से जुड़ने की अपील
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने जिले के सभी वरीय अधिकारियों से भी 'निश्चय मित्र' बनकर टीबी मुक्त भारत अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों की सहायता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व भी है।
समाज की भागीदारी से ही होगा टीबी का उन्मूलन
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य देश से टीबी का पूर्ण उन्मूलन करना है। यह लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता, बल्कि जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
'निश्चय मित्र' बनकर दें पोषण और मानसिक सहयोग
उन्होंने कहा कि 'निश्चय मित्र' बनकर टीबी मरीजों को पोषण सहायता और मानसिक सहयोग उपलब्ध कराना एक सामाजिक जिम्मेदारी है। इससे मरीजों के उपचार में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की संभावना बढ़ती है।
टीबी के लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, वजन कम होना, लगातार बुखार या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसी समस्या हो, तो वह तुरंत अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर निःशुल्क जांच कराए। उन्होंने कहा कि टीबी का समय पर इलाज संभव है और यह पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर डॉ. ध्रुव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक फैज़ान अशरफी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।