बिहार के गया जिले के शेरघाटी में दिव्या हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग लगातार तेज होती जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में जेपी चौक से शेरघाटी थाना मोड़ तक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग वाले बैनर लेकर "दिव्या को न्याय दो" और "हत्यारे को फांसी दो" जैसे नारे लगाए।
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए और मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
भीम आर्मी ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल
कैंडल मार्च के दौरान भीम आर्मी के गया जिला अध्यक्ष सौरभ राज ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच में लापरवाही बरती गई, जिसके चलते आरोपी को अदालत से जमानत मिल गई। उनका कहना था कि यदि शुरुआत से निष्पक्ष और प्रभावी जांच होती, तो पीड़ित परिवार को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
जेपी चौक से थाना मोड़ तक निकला मार्च
कैंडल मार्च जेपी चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शेरघाटी थाना मोड़ तक पहुंचा। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारियों ने न्याय के समर्थन में नारे लगाए और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी इस मार्च में शामिल रहे।
पुलिस ने दिया अपना पक्ष
शेरघाटी पुलिस का कहना है कि उन्हें जो आवेदन प्राप्त हुआ था, उसी के आधार पर मामला दर्ज कर विधिसम्मत जांच की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय से जमानत मिली है। हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच दोबारा कराई जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
क्षेत्र में बना हुआ है आक्रोश
दिव्या हत्याकांड को लेकर शेरघाटी में लोगों का आक्रोश लगातार बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में न्याय की मांग जोर पकड़ती जा रही है।