कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है। जहां आमतौर पर बेटे अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर यात्रा कराते हैं, वहीं इस बार उत्तर प्रदेश के हापुड़ की रहने वाली एक बहू ने अपनी वृद्ध सास को कांवड़ में बैठाकर पैदल यात्रा शुरू की है।
सास की वर्षों पुरानी इच्छा को कर रहीं पूरी
हापुड़ निवासी पिंकी अपनी सास ऊषा देवी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से हापुड़ तक पैदल ले जा रही हैं। यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने हरिद्वार के हर की पैड़ी पर सास को गंगा स्नान कराया और उनकी वर्षों पुरानी कांवड़ यात्रा की इच्छा पूरी करने का संकल्प लिया।
'सास की सेवा मेरा सौभाग्य है'
पिंकी का कहना है कि सास की सेवा करना उनके लिए केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सौभाग्य की बात है। उनका मानना है कि परिवार के बुजुर्गों का सम्मान और उनकी इच्छाओं को पूरा करना हर सदस्य का कर्तव्य होना चाहिए।
नन्ही पोती भी निभा रही सेवा का फर्ज
इस यात्रा की एक और खास बात परिवार की नन्ही सदस्य राधा है। वह पूरे रास्ते अपनी दादी की सेवा में लगी रहती है। कभी कांवड़ संभालती है तो कभी दादी का हालचाल पूछती है। उसकी मासूम सेवा भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
रास्तेभर मिल रही लोगों की सराहना
यह अनोखी कांवड़ यात्रा जहां-जहां से गुजर रही है, लोग रुककर इस परिवार के सेवा भाव की सराहना कर रहे हैं। सेवा, संस्कार और समर्पण की यह मिसाल लोगों को भावुक करने के साथ-साथ परिवार और रिश्तों की अहमियत का प्रेरक संदेश भी दे रही है।