देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार, उत्पीड़न और जघन्य अपराधों को लेकर बहुजन समाज के लोगों ने कड़ा विरोध जताया। बहुजन सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकजुट होकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी के माध्यम से अपना आक्रोश व्यक्त किया।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की गई।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं, विशेषकर दलित, शोषित और पिछड़े वर्ग की बेटियों के साथ हो रही हिंसा की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में प्रशासन की कार्रवाई अपेक्षित गति से नहीं होती, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं। उन्होंने मांग की कि महिलाओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए।
'बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं'
बहुजन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका कहना था कि जब तक महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को त्वरित और कठोर दंड नहीं मिलेगा, तब तक समाज में सुरक्षित वातावरण स्थापित करना मुश्किल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।