सीतापुर जिले के सेवता और लहरपुर विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। शारदा नदी के किनारे बसे रतनगंज गांव में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पिछले वर्ष शारदा नदी की भीषण कटान ने गांव में भारी तबाही मचाई थी। ऐसे में इस बार भी नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों की रातों की नींद उड़ा रहा है।
पिछले वर्ष कटान में बह गए थे मकान और मस्जिद
रतनगंज वही गांव है, जहां पिछले वर्ष शारदा नदी के तेज बहाव ने कटानरोधी परियोजना को ध्वस्त कर दिया था। नदी की कटान में मस्जिद सहित करीब 30 मकान नदी में समा गए थे। देखते ही देखते लोगों की वर्षों की मेहनत, घर और संपत्ति नदी की धारा में बह गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।
फिर बढ़ रहा जलस्तर, गांव पर मंडराने लगा नया खतरा
अब एक बार फिर शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का बहाव गांव के बेहद करीब पहुंच चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन बढ़ते जलस्तर के साथ उनकी चिंता भी बढ़ती जा रही है। लोगों को डर है कि यदि नदी ने दोबारा कटान शुरू कर दी, तो इस बार पूरे गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
कटानरोधी परियोजना की गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने गांव को बचाने के लिए बनाई गई करोड़ों रुपये की कटानरोधी परियोजना पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता का अभाव रहा, जिसके कारण पिछले वर्ष परियोजना नदी के दबाव को नहीं झेल सकी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण मानकों के अनुरूप हुआ होता तो इतनी बड़ी तबाही से बचा जा सकता था।
प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तत्काल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि पिछले साल की त्रासदी आज भी उनके जेहन में ताजा है और वे दोबारा वैसी स्थिति का सामना नहीं करना चाहते।
प्रशासन की तैयारियों पर टिकी लोगों की नजर
रतनगंज के लोगों की निगाहें अब प्रशासन की तैयारियों पर टिकी हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो शारदा नदी की बढ़ती धारा एक बार फिर गांव के लिए बड़ी तबाही का कारण बन सकती है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन पहले से बेहतर तैयारी कर उनके जीवन और आशियाने की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।