बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष के सभी विधायक परिसर के बाहर एकजुट होकर प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी मांग
विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि देश और बिहार में लगातार सामने आ रहे परीक्षा पत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में केंद्र सरकार जवाब देने में विफल रही है। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सोनम वांगचुक के समर्थन में भी उतरा विपक्ष
विधानसभा के बाहर हुए प्रदर्शन में विपक्षी विधायकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में भी आवाज बुलंद की। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए और उनके आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई।
भ्रष्टाचार और पेपर लीक को लेकर सरकार पर हमला
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने बिहार में लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य सरकार को भी घेरा। विपक्षी नेताओं का कहना था कि सरकार इन घटनाओं पर रोक लगाने में पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
सड़क से सदन तक संघर्ष का ऐलान
विपक्ष ने साफ कहा कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक लगातार उठाता रहेगा। विपक्षी दलों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पहले ही दिन गरमाया विधानसभा का माहौल
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी से विधानसभा परिसर का माहौल पूरी तरह गरमा गया। माना जा रहा है कि पूरे सत्र के दौरान शिक्षा, भ्रष्टाचार और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टकराव देखने को मिल सकती है।