जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही कार्रवाई के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। बारिश और खराब मौसम के बावजूद छात्र-छात्राएं यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि अब तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने या उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा है।
बारिश के बीच भी डटे रहे छात्र
धरने पर बैठे छात्रों ने कहा कि मौसम की परवाह किए बिना वे अपने भविष्य और शिक्षा के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
'शिक्षा के मंदिर को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?'
धरने में शामिल छात्र यूसुफ ने कहा कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार या प्रशासन को जौहर यूनिवर्सिटी से कोई आपत्ति है, तो उसके बराबर एक और विश्वविद्यालय बनाकर दिखाए।
यूसुफ ने कहा, "कौन से संविधान में लिखा है कि शिक्षा का मंदिर गिरा दो? किस जगह लिखा है कि बच्चों का भविष्य खराब कर दो? बच्चों के हाथ में कलम की जगह तलवार दे दो?" उन्होंने कहा कि छात्र केवल अपनी पढ़ाई और भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं।
'कोई अधिकारी बात सुनने तक नहीं आया'
एक अन्य छात्र मोहम्मद इमरान ने कहा कि आश्वासन मिलना तो दूर, अब तक कोई अधिकारी छात्रों की बात सुनने तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि धरने का आज तीसरा दिन है और छात्र लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल प्रदर्शन जारी है और छात्र प्रशासन से बातचीत तथा अपनी मांगों पर सकारात्मक पहल की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।