मानसून की पहली तेज बारिश ने बाढ़ नगर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। रातभर हुई बारिश के बाद बाढ़ रेलवे स्टेशन को कचहरी और मुख्य बाजार से जोड़ने वाले शहर के सबसे व्यस्त मार्ग पर घुटने तक पानी भर गया। जलजमाव के कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी
यह मार्ग प्रतिदिन हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों से लेकर बाजार आने-जाने वाले लोगों तक सभी को पानी से भरी सड़क पार करनी पड़ रही है। जलभराव के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है और कई वाहन भी प्रभावित हुए।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर घुटने तक पानी भर जाने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। मजबूरी में लोगों को गंदे पानी के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।
घरों तक पहुंचा बारिश का पानी
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सड़क पर जमा पानी नालियों के जरिए कई घरों तक पहुंच रहा है। इससे लोगों के घरों में भी जलभराव की स्थिति बन गई है। लगातार पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों की आशंका भी बढ़ गई है।
हर साल दोहराई जाती है समस्या
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में इस मार्ग पर जलजमाव कोई नई समस्या नहीं है। हर वर्ष मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन नगर प्रशासन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाता। अस्थायी उपायों के कारण समस्या हर साल फिर से सामने आ जाती है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने और शहर की ड्रेनेज प्रणाली को दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो पूरे मानसून के दौरान उन्हें इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।