जिले की साधन सहकारी समितियों पर यूरिया और डीएपी खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के दावों के बावजूद किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में इस समय यूरिया की सबसे अधिक जरूरत है, लेकिन समितियों पर घंटों लाइन में लगने के बाद भी किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है।
महुआ मुहिम में सामने आई व्यवस्था की हकीकत
महुआ मुहिम के तहत जब टीम ने साधन सहकारी समिति बड़ेपुर का जायजा लिया तो समिति पर ताला लटका मिला। वहीं सहकारी संघ देहात में बड़ी संख्या में किसान खाद लेने के लिए लाइन में खड़े दिखाई दिए।
धीमे सर्वर से बाधित हो रहा वितरण
किसानों का कहना है कि खाद उपलब्ध होने के बावजूद सर्वर की धीमी गति और तकनीकी दिक्कतों के कारण वितरण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
किसानों ने सुनाई अपनी परेशानी
लाइन में लगे किसानों अर्जुन, धर्मेंद्र कुमार और रमाशंकर चौहान ने बताया कि सुबह से समिति पर खड़े रहने के बावजूद खाद मिलने में काफी देरी हो रही है। उनका कहना है कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में यूरिया की आवश्यकता सबसे ज्यादा है, लेकिन व्यवस्थागत खामियों का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
किसानों ने की व्यवस्था सुधारने की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि समितियों पर नियमित रूप से सचिव की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए और सर्वर संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए, ताकि किसानों को बिना परेशानी के समय पर खाद उपलब्ध हो सके। फिलहाल किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें राहत मिलेगी।