केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में बिहार के आरा शहर में भाकपा-माले, आइसा और इंनौस के बैनर तले आक्रोश मार्च निकाला गया। यह प्रदर्शन देशभर में आयोजित प्रतिवाद दिवस के तहत किया गया।
पूर्वी रेलवे गुमटी से अंबेडकर चौक तक निकला जुलूस
आक्रोश मार्च की शुरुआत पूर्वी रेलवे गुमटी के पास से हुई। प्रदर्शनकारी स्टेशन नवादा होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे, जहां सभा का आयोजन किया गया। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।
पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर उठाई आवाज
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने और पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को अनशन के दौरान गिरफ्तार किए जाने का भी विरोध किया गया।
हाथों में झंडे-बैनर लेकर लगाए नारे
मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे और बैनर लेकर "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग वाले नारे लगाते हुए आगे बढ़े। पूरे मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
सभा में भाकपा-माले के जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, संगीता सिंह, शोभा मंडल, पूर्व विधायक जय कुमार, शिवप्रकाश रंजन, विकास सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र संगठन के सदस्य मौजूद रहे।